Pradhan Mantri Janaushadhi Pariyojana (PMBJP)

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जन औषधि(Jan Aushadhi Yojana) यह एक अभियान हैं जो कि आम जनता के लिए कम कीमत पर अच्छी गुणवत्ता की दवाइयाँ उचित दाम पर उपलब्ध कराती हैं जन औषधि; अभियान केन्द्रीय फार्मा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के सहयोग से फार्मास्युटिकल्स विभाग द्वारा शुरू किया गया हैं |

भारत एक गरीब देश हैं जहाँ बीमारियाँ आर्थिक संकट में अधिक भयावह हो जाती हैं और इन बिमारियों में सबसे बड़ा खर्च इन दवाओं का होता हैं इसलिए इस दिशा में;जन औषधि(Jan Aushadhi Scheme)अभियान चलाया जा रहा हैं जो कि जेनेरिक दवाएँ देती हैं जिनकी गुणवत्ता महंगी ब्रांडेड दवाओं जैसी ही हैं लेकिन कीमत में काफ अंतर हैं |

जन औषधि(Jan Aushadhi Scheme)अभियान मूलत: जनता को जागरूक करने के लिए शुरू किया गया हैं ताकि जनता समझ सके कि ब्रांडेड मेडिसिन की तुलना में जेनेरिक मेडिसिन कम मूल्य पर उपलब्ध हैं साथ ही इसकी क्वालिटी में किसी तरह की कमी नहीं हैं | साथ ही यह जेनेरिक दवायें मार्केट में मौजूद हैं जिन्हें आसानी से प्राप्त किया जा सकता हैं |

इसके दौरान सरकार आम नागरिकों को बाजार से 60 से 70 फीसदी कम कीमत पर दवाइयां मुहैया कराने के उद्देश्य से केंद्र सरकार जल्द ही देशभर में 1000 से ज्यादा जन औषधि केंद्र खोलेगी | जन औषधि अभियान का मुख्य उद्देश्य जेनेरिक दवायें जो कि सस्ती और अच्छी हैं, उपलब्ध को प्रति लोगो को जागरूक करना |उसके महत्व को समझाना है | जन औषधि/ जेनेरिक दवाओं के लाभ –

बड़ी से बड़ी एवम घातक बिमारियों के उपचार के लिए जेनेरिक दवाईयाँ उपलब्ध करायेगा साथ ही यह लोगो के बजट में होंगी

कम कीमत पर दवाई के साथ- साथ गुणवत्ता इस बात की पूरी गेरेंटी जन औषधि अभियान ने लोगो को एवम विक्रेताओं को दी हैं

जेनेरिक दवाओं के प्रति जनता को जागरूक करने का कार्य भी जन औषधि अभियान के तहत होगा

जेनेरिक दवाओं की बिक्री के लिए विक्रेताओं को भी इसकी गुणवत्ता के प्रति जागरूक करने का कार्य जन औषधि अभियान के तहत होगा

जन औषधि अभियान के तहत डॉक्टर्स एवम सरकारी अस्पतालों को भी जेनेरिक दवाओं की गुणवत्ता समझाते हुए उन्हें मरीज को यही दवायें पर्चे पर लिख कर देने के लिए बाध्य किया जायेगा

साथ ही समय पर जेनेरिक दवायें उपलब्ध करवाने की जिम्मेदारी भी जन औषधि अभियान के तहत आएगी

जन औषधि अभियान की शुरुवात

जन औषधि अभियान की शुरुवात 2008 में हुई थी | 23 अप्रैल 2008 में औषधि सलाहकार फोरम ने एक मीटिंग ली थी जिसमे रसायन,उर्वरक और इस्पात केन्द्रीय मंत्री श्री राम विलास पासवान की अध्यक्षता में जन औषधि अभियान का अहम् निर्णय लिया गया | जन औषधि अभियान का मुख्य उद्देश्य जेनेरिक दवायें जो कि सस्ती और अच्छी हैं, उपलब्ध को प्रति लोगो को जागरूक करना |उसके महत्व को समझाना |

जन औषधि/ जेनेरिक दवाओं के लाभ

बड़ी से बड़ी एवम घातक बिमारियों के उपचार के लिए जेनेरिक दवाईयाँ उपलब्ध करायेगा साथ ही यह लोगो के बजट में होंगी |

कम कीमत पर दवाई के साथ- साथ गुणवत्ता इस बात की पूरी गेरेंटी जन औषधि अभियान ने लोगो को एवम विक्रेताओं को दी हैं |

जेनेरिक दवाओं के प्रति जनता को जागरूक करने का कार्य भी जन औषधि अभियान के तहत होगा |

जेनेरिक दवाओं की बिक्री के लिए विक्रेताओं को भी इसकी गुणवत्ता के प्रति जागरूक करने का कार्य जन औषधि अभियान के तहत होगा |

जन औषधि अभियान के तहत डॉक्टर्स एवम सरकारी अस्पतालों को भी जेनेरिक दवाओं की गुणवत्ता समझाते हुए उन्हें मरीज को यही दवायें पर्चे पर लिख कर देने के लिए बाध्य किया जायेगा |

साथ ही समय पर जेनेरिक दवायें उपलब्ध करवाने की जिम्मेदारी भी जन औषधि अभियान के तहत आएगी |

कौन जन औषधि स्टोर ओपन कर सकता हैं

कोई भी जिसके पास pharmacist की डिग्री हो उनमे व्यक्ति, NGO या कोई भी इंस्टिट्यूट हो सकता हैं, जन औषधि के लिए एप्लीकेशन देस सकता हैं |

अगर कोई व्यक्ति जन औषधि के लिए एप्लीकेशन दे रहा हैं तो उसके पास शॉप के लिए पर्याप्त जगह होना चाहिये साथ ही वह किसी अन्य संस्था के आधीन कार्यशील नहीं होना चाहिये |

क्या होती हैं जेनेरिक दवायें

जन औषधि के अंतर्गत आने वाली जेनेरिक दवायें ब्रांडेड नहीं होती लेकिन यह ब्रांडेड दवाओं की तरह ही प्रभावशील होती हैं साथ ही इन्हें अफोर्डेबल प्राइज पर ख़रीदा जा सकता हैं | यह जेनेरिक दवायें किन्ही भी जन औषधि की शॉप पर मिलती हैं |

कौन करता हैं जन औषधि योजना का सञ्चालन

फार्मास्युटिकल्स विभाग ने एक स्पेशल विभाग बनाया हैं जिसे Bureau of Pharma Public Sector Undertakings of Indian (BPPI) के नाम से जाना जाता हैं यह सभी जन औषधि अभियान की देख रेख करती हैं | साथ ही जनता को इसके प्रति जागरूक करती हैं इसके फायदे, नुकसान बताती हैं और समय पर दवायें उपलब्ध कराती हैं | साथ ही जन औषधि शॉप के लिए उचित उम्मीदवारों को तैयार कर उन्हें इस जेनेरिक दवाओं की पूरी जानकारी देती हैं | BPPI पुरे देश में जन औषधि का प्रचार प्रसार कर मार्केटिंग भी करती हैं |

कौनसी दवायें जन औषधि के अंतर्गत आती हैं

BPPI ने अधिकतर दवायें जन औषधि के अंतर्गत शामिल की हैं जिसके जरिये गरीब लोग आसानी से अपना इलाज करवा सके | कौन सी दवायें जन औषधि में शामिल की गई हैं उसके लिए इस लिंक पर क्लिक करें | http://janaushadhi.gov.in/list_of_medicines.html यह सरकार की वेबसाइट हैं जिसमे आपको लिस्ट मिलेगी जिनमे जेनेरिक दवाओं के नाम मौजूद हैं |

जन औषधि स्टोर ओपन करने के लिए शर्ते

औषधि स्टोर ओपन करने के लिए एप्लिकेंट के पास पर्याप्त जगह होना चाहिये जो कि किराए की हो सकती हैं |

स्टोर के लिए 120 sq ft की जगह होना चाहिये जिसका निर्णय BPPI स्वयं विजिट करके लेती हैं |

एप्लिकेंट के पास फार्मिस्ट का सर्टिफिकेट होना चाहिये |

एप्लिकेंट के पास रिटेल ड्रग लाइसेंस एवम टिन नंबर होना चाहिये |

एप्लिकेंट की माली हालत अच्छी होनी चाहिये उसके टैक्स फाइल होना चाहिये |पिछले तीन साल का सभी फाइनेंसियल ब्यौरा सही होना चाहिये | जिसका परिक्षण BPPI द्वारा किया जायेगा |

जन औषधि स्टोर के लिए सरकार द्वारा की जाने वाली मदद

जन औषधि स्टोर ओपन करने के लिए सरकार स्टोर मालिको को यह कार्य शुरू करने के लिए 2 लाख रूपये देगी साथ ही कंप्यूटर जैसे हार्डवेयर लगाने के लिए 50हजार रूपये की मदद की जाएगी |

जन औषधि स्टोर मालिको के लिए दवायें MRP से 16 % कम में दी जाएँगी | जहाँ से मालिक सीधे कमाई कर सकते हैं |

इसके अलावा सरकार की जाने वाली बिक्री के अनुसार इंसेंटिव भी देगी |

जन औषधि अभियान सरकार द्वारा चलाया गया एक अच्छा अभियान हैं जिससे गरीबो को बहुत राहत मिलती हैं | हम सभी को जेनेरिक दवायें लेना चाहिये जिससे पैसे की बचत होती हैं | साथ ही हमारे जागने से जेनेरिक दवाओं का उत्पादन बढ़ेगा |

यह आपके लिए एक बेहतर विकल्प हैं |

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